वह तुम्हारी व्हाट्सएप की DP....
महीनों हो गए
तुमसे व्हाट्सएप किये babu....
तुम्हारे लेफ्ट होते ही
अब लेफ्ट हैंड के अंगूठे
उतना फास्ट काम नहीं करते...
उंगुलियों में अब वो
टाइपिंग स्पीड नहीं रही
लेकिन एक कसक रहता है
कि प्यार को कंटीन्यू रखना चाहिए था
गूगल drive की तरह...
शायद तुम्हें याद होगा कि
हमारी बाजी लगती थी कि
कौन सबसे पहले रिप्लाई करता है
और मैं 1 सेकेंड मिस न कर पाऊं
इसलिए मैं net on रखता था हमेशा
... मैं वेट करता था तुम्हारे
double green tick ka
और बार बार रीचेक रिफ्रेश करता था
कि तुम्हारा अपडेट मिस न हो...
मुझे याद है अभी भी
सबसे ज्यादा 'दिल' और 'miss you'
तुम्हीं सेंड करती थी..
10 बार, बीस बार,30 बार
या यूं कहें कि हर एक बड़े दिल में
एक धड़कता दिल था
और एक प्यार का इमोशन...
ऐसी कोई morning नहीं थी
जब तुम्हारा कोई good मॉर्निंग न आया हो
और ऐसी कोई night न थी
जब तुम्हारा good night न आया हो
लेकिन अब तुम्हारा प्यार और इक़रार
शायद सिमट के रह गया है
मैसेंजर और व्हाट्सएप के प्रीवियस चैट तक...
हालांकि देर रात जब देखता हूँ तुम्हारा typing
👇👇👇
तुम्हारा Last seen तो थोड़ा सा हैरान होता हूँ..
लेकिन ये भी सोचता हूँ कि हो सके कि
गलती से दब गई हो कीबोर्ड पर अंगुलियां
और तुम सो गई नेट ऑफ किये बिना
मैं तुम्हें सब ये देखता हूँ लेकिन,
अब मैं व्हाट्सएप नहीं करता...
स्टेटस को कर दिया हूँ private
कि तुम्हारे dp और स्टेटस
अब मुझे परेशान नहीं करते..
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