देश के सबसे युवा IPS अफसर बन कर 22 साल के हसन सफीन ने रचा था इतिहास.........
Name- साफिन हसन
Post-IPS
Youngest IPS officer
Batch- 2018
"जल को बर्फ़ में बदलने में वक्त लगता है,
सूरज को निकलने में वक्त लगता है,
किस्मत को तो हम बदल नही सकते,
लेकिन अपने हौसलो से किस्मत बदलने में वक्त लगता है।"
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" साफिन हसन बताते हैं कि उनके पिताजी उनसे एक बात बोलते थे कि जीवन में कोई भी काम अटकेगा नही . अगर आप उसे नेकी और इमानदारी के साथ कर रहे है तो "
साफिन हसन राजकोट ,गुजरात के रहने वाले है . हसन का बचपन गरीबी में बिता ,हसन के माता - पिता हीरा तराशने का काम करते थे ,लेकिन पढ़ाई का खर्च पूरा ना होने पर साफिन हसन की मां ने होटलों और शादी समारोह में रोटी बेलने का काम करने लगी . साफिन के अनुसार मां सुबह 2-3 बजे उठ कर 7-8 बजे तक रोटी बेलती थी . पिता भी हीरा तराशने के अलावा ठेला भी लगाते थे जिससे बच्चे की पढ़ाई का खर्च पूरा हो सके . मां - बाप की मेहनत रंग लाई और बेटा आईपीएस अधिकारी बन गया .
"साफिन हसन के अनुसार बचपन में उनके सभी दोस्तों के पास साइकिल थी . मगर उनके पास साइकिल नहीं थी .जिससे उन्हें बहुत बुरा लगता था . इन्हीं खराब पर परिस्थितियोंं ने साफिन हसन के अंदर कुछ कर गुजरने का हौसला पैदा किया .
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साफिन हसन ने बस ऐसे ही एक शख्स पूछा कि डीएम कैसे बनते है , तो उस व्यक्ति ने जबाब दिया कि डीएम कोई भी बन सकता है .उसे बस एक एग्जाम पास करना होता है .यही वो दिन और ये जबाव था जिसे सुनकर साफिन हसन को उनकी जिंदगी का मकसद मिल गया था .
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साफिन हसन ने स्कूल की पढ़ाई के बाद नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग (एनआईटी) में दाखिला लिया था . साफिन के अनुसार जब वो हाईस्कूल में थे तब उनके प्रिंसिपल ने 80 हजार रुपये की फीस माफ कर दी . इसके अलावा जब वो दिल्ली में थे तो गुजरात के पोलरा परिवार ने दो साल तक उनका खर्च उठाया था वही लोग उनकी कोचिंग की फीस देते थे .
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साफिन हसन जब अपना यूपीएससी का पहला अटेंप्ट दे रहे थे, तो उनका एक्सीडेंट हो गया.था . हालाकि ,जिस हाथ से वह लिखते थे वह सही सलामत था . एग्जाम देने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा .
साफिन सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं, फेसबुक पेज पर उनके करीब 80 हजार से अधिक फॉलोअर हैं। एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि 'मैं गुजरात पब्लिक सर्विस कमिशन की परीक्षा पास कर जिला रजिस्ट्रार तो बन गया, लेकिन मन में अभी भी आईएएस या आईपीएस बनने की इच्छा थी। इसके बाद पिछले साल 570वीं रैंक के साथ यह परीक्षा पास की।'
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Success is not accident. It is hard work, perseverance, learning, studying, sacrifice and most of all, love of what you are doing or learning to do.
"Take your dreams seriously and work hard to get them. Sometimes later becomes never. Do it now....
.!
आँखे कहती है सो जा पर दिल कहता है अभी नहीं
दोस्त कहते हैं चल घूम के आते हैं पर मैं कहता हूँ अभी नहीं
चाहें क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल हो या बाहुबली का पहला शो
सब बाद में ....अभी नहीं
नाकामयाबियाँ तोड़ देती है बिखेर देती हैं सोचता हूँ छोड़ देता हूँ सब
पर फिर होसलें बोल उठते हैं, अभी नहीं, अभी नहीं
माँ का फोन आता है
त्योहारों पर बुलाती है कई बार तो आँसू तक बहा देती है और मैं यह कहकर रख देता हूँ फोन की आऊँगा घर जरूर पर अभी नहीं
जब तक बन नहीं जाता, जो बनने आया हूँ तब तक बाकी सब चीजे ...अभी नही
@IPS MOTIVATION
यह अक्सर कहा जाता है कि IPS/IAS परीक्षा को क्वालिफाई करने के लिए प्रतिदिन 16-18 घंटे गहन अध्ययन की आवश्यकता होती है। एक धारणा यह भी है कि IPS परीक्षा की तैयारी के दौरान IPS उम्मीदवारों को किसी अन्य कार्यों में शामिल नहीं होना चाहिए तथा दैनिक कार्यों के लिए कम से-कम समय बर्बाद करना चाहिए। इस लेख में हमने IPS उम्मीदवारों को ऐसी गलत धारणाओं से दूर रहने का सुझाव दिया है तथा ऐसी स्ट्राटेजी के बारे में भी बताया है जिसे IPS परीक्षा की तैयारी के दौरान IPS परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए अवश्य पालन करना चाहिए।
1. IPS/ IAS परीक्षा की तैयारी का मतलब खुद को अलग रखना नहीं है
2.IPS परीक्षा की तैयारी का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि खुद को बाहर की दुनिया से अलग रखा जाए। कुछ लोग IPS उम्मीदवारों को ऐसी गलत धारणाओं का पालन, IPS
परीक्षा की तैयारी के दौरान, करने के लिए कहते हैं जो कि गलत है। IPS परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए IPS उम्मीदवारों में केवल किताबी ज्ञान का होना आवश्यक नहीं है बल्कि दुनिया की हर गतिविधि का ज्ञान होना आवश्यक है जो एक आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करती है। पिछले कुछ वर्षों में UPSC IAS परीक्षा में कई बदलाव देखे गए है जिसमें IPS उम्मीदवारों में समाज तथा समाजिक परिवेश में घटने वाली हर समस्याओं पर उनकी गंभीरता का भी परीक्षण किया जाता है। IPS/IAS.परीक्षा के प्रश्न-पत्रों में ऐसे प्रश्नों को शामिल किया जाता है जिससे IPS/IAS उम्मीदवारों की मानसिक योग्यता तथा समाजिक समस्याओं को लेकरIAS उम्मीदवारों में सामाजिक समस्याओं से निपटने की कला का विकास बंद कमरे में रहकर केवल किताबों के अध्ययन से मुमकिन नहीं है। इसके लिए IAS उम्मीदवारों को सकारात्मक सोच विकसित करने की आवश्यकता है और अपनी कीमती समय से कुछ समय इन समस्याओं को हल करने के उपाय ढूँढने में देना चाहिए।
IAS परीक्षा की तैयारी के लिए प्रतिदिन 9-10 घंटे का अध्ययन माना जाता है अगर AS उम्मीदवार इन घंटों में अपनी एकाग्रता बनाए रखने में सफल होते हैं। IAS उम्मीदवारों के लिए प्रतिदिन 9-10 घंटे की अवधि के अध्ययन में प्रतिबद्धता होना बहुत ही आवश्यकता है। अगर किसी दिन किसी कारणवश नियमित अवधि का अध्ययन करने में असफल होते हैं तब अगले दिन उसकी पूर्ती अवश्य करनी चाहिए।
3. विश्राम के लिए प्रयाप्त अवधि का होना आवश्यक है मानसिक संतुलन को बनाए रखने के लिए विश्राम करना बहुत ही आवश्यक है। IAS परीक्षा की तैयारी के दौरान IAS उम्मीदवारों को अपनी सेहत पर उचित ध्यान देना चाहिए। प्रतिदिन अध्ययन के साथ-साथ नियमित रूप से विश्राम करना भी बहुत आवश्यक है। साधारण अवस्था में एक मनुष्य को प्रतिदिन 6-7 घंटे की नींद पूरी करनी चाहे।IAS उम्मीदवारों के लिए भी आवश्यक है कि वह अपने शरीर को विश्राम दें ताकि मेटाबोलिज़्म जैसी महत्वपूर्ण शारीरिक प्रक्रिया आसानी से पूरी हो सके।
4. मनोरंजन के लिए भी समय अवश्य निकालें मानसिक बुद्धि के विकास के लिए मनोरंजन होना उतना हींमानसिक बुद्धि के विकास के लिए मनोरंजन होना उतना ही आवश्यक है जितना कि अध्ययन तथा विश्राम का होना आवश्यक है। IAS उम्मीदवार इच्छानुसार खुद के मनोरंजन के साधन का उपाय कर सकते हैं। कुछ लोगों को खेलना कूदना पसंद है तो कुछ लोगों को फिल्में देखना, टेलीविजन देखना, डांस करना, टहलना इत्यादि। लेकिन IAS उम्मीदवारों को मनोरंजन के ऐसे साधनों का उपयोग करना चाहिए जिससे उनके IAS परीक्षा की तैयारी पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। मनोरंजन के लिए प्रतिदिन 2-3 घंटे की अवधि प्रयाप्त है जिसे नियमित रुप से पालन करना चाहिए......
#upsc दूर नहीं है.. . . . . ..
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